गेस्ट हाउस कांड: मुलायम सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा वापस लेंगी बसपा अध्यक्ष मायावती

गेस्ट हाउस कांड: मुलायम सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा वापस लेंगी बसपा अध्यक्ष मायावती

 


  • गेस्ट हाउस कांड में आरोपी मुलायम सिंह के खिलाफ मायावती ने दी मुकदमा वापसी की अर्जी
  • 2019 लोकसभा चुनावों में एसपी-बीएसपी गठबंधन के दौरान बनी थी इस केस वापसी की भूमिका
  • मायावती ने सिर्फ मुलायम सिंह पर दी है मुकदमा वापसी की अर्जी, बाकी पर जस का तस है रुख
  • 2019 लोकसभा चुनावों के बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने तोड़ दिया था एसपी-बीएसपी गठबंधन

लखनऊ : बसपा अध्यक्ष मायावती समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के खिलाफ गेस्ट हाउस कांड में दर्ज मुकदमा वापस लेंगी। बीएसपी के एक वरिष्ठ नेता ने केस वापसी की अर्जी दिए जाने की पुष्टि की है। सूत्रों का कहना है कि अर्जी केवल मुलायम के लिए ही दी गई है। बाकी नामों पर पहले का रुख कायम है।सूत्रों ने बताया कि सपा-बसपा गठबंधन के बाद लोकसभा चुनाव की साझा चुनावी रैलियों के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बसपा नेतृत्व से गेस्ट हाउस कांड में नामजद मुलायम सिंह के खिलाफ दर्ज कराया गया मुकदमा वापस लेने का आग्रह किया था।

इधर, सपा-बसपा गठबंधन टूटने के बाद अचानक मुकदमा वापसी की चर्चा फैलते ही सियासी गलियारों में तरह-तरह की अटकलबाजी शुरू हो गई है। इसके सियासी मायने तलाशे जाने लगे हैं।

विधानसभा उपचुनाव में सपा और बसपा ने अलग-अलग चुनाव लड़े। सपा को तीन सीटें मिलीं लेकिन बसपा खाता भी नहीं खोल सकी।

दो जून 1995 को हुआ था स्टेट गेस्ट हाउस कांड
1993 में एसपी-बीएसपी साथ चुनाव लड़े थे और तब इस गठबंधन ने अपनी सरकार भी बनाई थी। तत्कालीन एसपी मुखिया मुलायम सिंह यादव सीएम बने, लेकिन दो साल में ही इतनी खटास आ गई कि गठबंधन टूटने की नौबत आ गई। 2 जून 1995 को मायावती ने स्टेट गेस्ट हाउस में बीएसपी विधायकों की बैठक बुलाई। एसपी को भनक लगी कि बीएसपी गठबंधन तोड़ने जा रही है तो सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ एसपी नेताओं ने गेस्ट हाउस पर हमला कर दिया। इससे बचने के लिए मायावती ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। आरोप है कि इस दौरान एसपी नेताओं ने दरवाजा तोड़ दिया और मायावती के साथ बदसलूकी हुई। उन्हें गाली-गलौज व जातिसूचक शब्द कहे गए। किसी तरह से मायावती वहां से बचकर निकल सकीं। अगले दिन ही उन्होंने बीजेपी की मदद से सरकार बनाई और खुद मुख्यमंत्री बनीं।

 

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