7वां वेतन आयोग: केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा, कैबिनेट से मिली भत्तों को मंजूरी

7वां वेतन आयोग: केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा, कैबिनेट से मिली भत्तों को मंजूरी
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पत्रकारों को बताया कि कर्मचारियों के भत्तों पर सातवें वेतन आयोग के सुझाव मंजूर कर लिए गए हैं।

नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बुधवार शाम बड़ी खुशखबरी लेकर आई। कैबिनेट ने अपनी बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के भत्तों में बदलाव को मंजूरी दे दी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पत्रकारों को बताया कि कर्मचारियों के भत्तों पर सातवें वेतन आयोग के सुझाव मंजूर कर लिए गए हैं। ये सिफारिशें एक जुलाई, 2017 से लागू होंगी। इन सिफारिशों को मंजूर किए जाने से सरकारी खजाने पर कुल 30,748.23 करोड़ का भार पड़ेगा।

केंद्रीय कर्मचारियों को अन्य भत्तों के अलावा मकान किराया भत्ता के मुद्दे पर सरकार के फैसले का करीब एक साल से इंतजार था। पिछले साल 28 जून को ही सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला लिया था। सरकार ने वेतन आयोग की सिफारिशों को एक जनवरी, 2016 से लागू करने का एलान किया था। लेकिन, कई मुद्दों पर कर्मचारियों को आपत्ति थी। इनमें मकान किराया भत्ता भी शामिल था।

सरकार ने इसके लिए एक समिति का गठन किया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट 27 अप्रैल को वित्त मंत्री को सौंप दी थी। वित्त मंत्रालय की ओर से यह रिपोर्ट अधिकार प्राप्त सचिवों की समिति को भेजी गई थी। सातवें वेतन आयोग से पहले केंद्रीय कर्मचारी 196 किस्म के भत्तों के हकदार थे। लेकिन, सातवें वेतन आयोग ने कई भत्तों को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया था। इसके बाद केवल 55 भत्ते बाकी रह गए थे। तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल था।

इस हिसाब से मिलेगा मकान किराया भत्ता

–मकान किराया भत्ते को लेकर आयोग ने एक्स, वाई, जेड श्रेणी के शहरों के हिसाब से विभाजन किया था।

–इसके लिए बेसिक वेतन के हिसाब से 24 फीसदी, 16 और 8 फीसदी की सिफारिश की गई थी।

–जब महंगाई भत्ता 25 फीसद तक पहुंचेगा तो यह 27, 18 और 9 फीसदी हो जाएगा।

जब महंगाई भत्ता 50 फीसद होगा, तो मकान किराया भत्ता 30, 20 और 10 फीसद हो जाएगा।

निम्न श्रेणी कर्मियों का हिसाब

निम्न श्रेणी के कर्मचारियों के लिए इस प्रतिशत के अलावा एक अलग श्रेणी भी तय होगी, जो न्यूनतम मकान किराया भत्ता तय करेगी। यह श्रेणी है- 5,400, 3,600 और 1,800 रुपये (यह न्यूनतम होगा)। इसके बाद जो प्रतिशत ज्यादा बनाता है, उस हिसाब से भत्ता दिया जाएगा।

शांत इलाके में तैनात सैनिकों को राशन की राशि नकद में दी जाएगी। सियाचिन भत्ता जो उच्चतर है, उसमें 31,500 के स्थान पर 42,500 रुपये दिया जाएगा। इसके साथ ही तकनीकी भत्ते का पुनर्गठन किया गया है। स्पेशल फोर्स के भत्ते भी बढ़ाए गए हैं। पेशनरों के 500 रुपये के चिकित्सा भत्ते को दोगुना यानी 1, 000 रुपये किया गया है।

एयर इंडिया के विनिवेश को सरकार की मंजूरी

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सरकार ने समस्याग्रस्त एयर इंडिया के विनिवेश को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। फैसले की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि एयर इंडिया का विनिवेश करने के नागरिक विमानन मंत्रालय के प्रस्ताव को सरकार ने मान लिया है। यह काम कैसे होगा, विनिवेश की प्रक्रिया किस तरह पूरी की जाएगी, एयर इंडिया की परिसंपत्तियों, होटलों तथा कर्ज का क्या होगा इस सब पर वित्त मंत्री की अध्यक्षता में गठित होने वाली समिति विचार करेगी।

एयर इंडिया पर इस समय कुल मिलाकर लगभग 52 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। इसका संचित घाटा 48 हजार करोड़ रुपये के करीब है। इसे संकट से उबारने के लिए संप्रग सरकार ने 2012 में लगभग 30 हजार करोड़ रुपये के 10 वर्षीय पुनरुद्धार पैकेज का एलान किया था। परंतु लगभग 24 हजार करोड़ रुपये मिलने के बावजूद इसकी हालत में बस इतना सुधार हुआ है कि अब यह ऑपरेटिंग लाभ में पहंुच गई है। एटीएफ के दाम घटने के कारण वर्ष 2015-16 में इसे 105 करोड़ रुपये का आपरेटिंग लाभ हुआ। लेकिन, संचित घाटे और कर्ज के कारण इसके पूर्ण पुनरुद्धार की कहीं कोई उम्मीद नजर नहीं आती। यही वजह है कि सरकार ने इसके विनिवेश का फैसला किया है।

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