सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश में दुआ के खिलाफ दर्ज राजद्रोह के मुकदमे को निरस्त कर दिया

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश में दुआ के खिलाफ दर्ज राजद्रोह के मुकदमे को निरस्त कर दिया

जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस विनीत शरण की पीठ ने अपने आदेश में विनोद दुआ के खिलाफ राजद्रोह (आईपीसी की धारा-124ए) सहित अन्य अपराधों के तहत दर्ज मुकदमे को निरस्त कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी पत्रकार, केदारनाथ सिंह फैसले के तहत संरक्षित हैं।वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ के खिलाफ FIR दर्ज, लगे ये आरोप | Delhi Police Has Registered An Fir Against Senior Journalist Vinod Dua - Samachar4media

इस फैसले में राजद्रोह कानून को सही ठहराया गया था लेकिन इसमें इस कानून का दायरा तय किया गया था। हालांकि कोर्ट ने पत्रकारों पर लगे आरोपों को सत्यापित करने के लिए समिति के गठन की विनोद दुआ की मांग को ठुकरा दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने विनोद दुआ की ओर से दायर की गई दूसरी याचिका को खारिज कर दिया। इसमें एफआईआर दर्ज करने से पहले पत्रकारों के खिलाफ आरोपों को सत्यापित करने के लिए एक समिति बनाने की मांग की गई थी और कहा गया था कि 10 साल से अधिक के अनुभव वाले पत्रकार के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जानी चाहिए जब तक कि समिति द्वारा मंजूरी नहीं दी जाती। कोर्ट ने कहा कि यह मसला विधायिका के अधिकार क्षेत्र में आता है।

विनोद दुआ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले भाजपा नेता श्याम का कहना था कि दुआ ने अपने यू ट्यूब कार्यक्रम ‘द विनोद दुआ शो’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वोट पाने की खातिर ‘मौत और आतंकी हमलों’ का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं। श्याम का कहना था कि इस तरह के बयान से शांति और सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा हो सकता है ।

 

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