मोबाइल मित्र या शत्रु ?

मोबाइल मित्र या शत्रु ?

विज्ञान ने विश्व को अनेक आविष्कार प्रदान किए हैं। इन आविष्कारों का उद्देश्य लोगों के जीवन को सरल व सहज बनाने के लिए है। इन सम्पूर्ण आविष्कारो मे से सबसे उपयोगी और लाभकारी आविष्कार मोबाइल उपकरण सिद्ध हुआ है, जो आज वर्तमान समय में लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण अंग बन गया है। आज गरीब वर्ग से लेकर अमीर वर्ग तक सभी इस  उपकरण से प्रभावित है चाहे वह रिक्शावाला, रेड़ीवाला हो या फिर डाक्टर, इंजीनियर। इन सभी के हाथ में आप मोबाइल देख सकते है। भारत में मोबाइल का चलन वर्ष 1990 के दौरान हुआ था उस समय मोबाइल आकर मे बड़े और अधिक मूल्य में उपलब्ध  थे, परंतु आज मोबाइल हर आकार व हर मूल्य में उपलब्ध है। मोबाइल से आप किसी भी स्थान से विश्व के किसी भी कोने में आप बात कर सकते हैं यह तो आपको पता ही है,लेकिन जैसे-जैसे समय बदलता गया वैसे-वैसे मोबाइल मे परिवर्तन होता गया। वर्तमान समय में मोबाइल और इंटरनेट के एक साथ होने जाने से बहुत से लाभकारी फीचर्स सम्मिलित हो गए हैं जैसे व्हाटसेप, फेसबुक, मैसेंजर, इंस्टाग्राम, ट्विटर, ब्लॉगिंग, ई-मेल इन सभी प्लेटफॉर्मो मे आप अपने  विचारों कि अभिव्यक्ति टेक्सट, चित्र और वीडियो द्वारा कर सकते हैं इन गतिविधियों ने व्यवसाय जगत को काफी प्रभावित किया है इसके साथ ही लोग मोबाइल पर टीवी, समाचार, रेडियो, संगीत, टेप रिकॉर्डर, वीडियो रिकॉर्डिंग, ऑनलाइन खरीदारी, बैंकिग, भुगतान सभी प्रकार के कार्य कर सकते हैं। यह मोबाइल के रूप में हमारा सहायक मित्र बन गया हैं। यह सत्य है कि हर आविष्कार के लाभ के साथ हानियां भी होती है इसी प्रकार मोबाइल के भी कुछ दुष्परिणाम है। मोबाइल ने हमारे और  रिश्तेदारों के बीच दूरी बना दी है लोग मोबाइल के माध्यम से ही सभी नियंत्रण व शुभकामनाएं देते है। अधिकतम लोग गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर वार्ता व संगीत सुनते हुए जाते है जो दुर्घटना का मुख्य कारण बन जाता है। मोबाइल का निरंतर प्रयोग से आँखों कि दृष्टि कमज़ोर हो जाती हैं और समय की बर्बादी भी होती हैं। मोबाइल द्वारा साइबर क्राइम मे वृद्धि हो रही है उदाहरण; किसी सरकारी विभाग की निजी जानकारी व गुप्त डाटा प्राप्त करना, किसी के बैंक का पासवर्ड चुराकर उसे आर्थिक क्षति पहुंचाना और किसी ख्यातिप्राप्त राजनेता व हस्ति पर बेबुनियाद अभद्र टिप्पणी करना। सेल्फी लेना यह उपरोक्त् परिणामो मे से सबसे भयावह और जानलेवा परिणाम है जिसमें लोग किसी खतरनाक व ऊँचे स्थान पर खड़े होकर अपना फोटो लेते हैं। अंतः मोबाइल के साकारात्मक और नाकारात्मक दोनों पहलुओं पर दृष्टि डालने के बाद आपको यह निर्णय लेना है कि आप मोबाइल को मित्र के रूप में अपनाना चाहते हो या शत्रु के रूप में ।

-रिपोर्टर आरीब

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