मकान मालिकों की भारी चूक- थाना डाबड़ी

मकान मालिकों की भारी चूक- थाना डाबड़ी

नई दिल्ली- राकेश कुमार
समाधानवाणी
थाना डाबड़ी के अंतर्गत काफी संख्या में सभी धर्मों व जातियों के लोग अलग अलग कॉलोनियो मे रहते हैं।इन्हीं कॉलोनियो में काफी संख्या मे मकान मालिकों ने अपने मकानों को रिहायसी इलाकों में रिहायसी के लिये किराये पर दे रखे हैं।मगर बहुत से मकान मालिक अपने किरायदारों की समय पर पुलिस वेरिफिकेशन नही करवाते हैं तथा कुछ महंगे किराये के लालच मे असामाजिक लोगों को अपने मकान किराये पर दे देते हैं तथा ऐसे मकान मालिक और किरायदार का संबंध केवल किराये तक ही सीमित होता हैं ।समाज व आसपास के वातावरण के बिगड़ने पर उन्हें कोई मतलब नहीं होता।ऐसे में कुछ मकान मालिकों ने अपने मकान मिजोरम, वर्मीस, व नाइजीरियन को किराए पर दे रखे हैं जो कि काफी संख्या में दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं और आए दिन कोई न कोई हिंसक व क्रिमिनल वारदातों को अंजाम दे रहे हैं जिनमें कि नाइजीरियन प्रमुख हैं।
आर टी आई के द्वारा माँगी जानकारी के अनुसार पत्रांक संख्या1640/ACP/डाबड़ी दिनांक 27/12/2018 के अंतर्गत थाना डाबड़ी मे एक वर्ष सन 2018 मे कुल इतनी बड़ी किरायेदारों की संख्या में केवल 3520 किरायेदारों के सत्यापन के फार्म जमा किये गए।जबकि थाना डाबड़ी मे कॉलोनी वॉइस कोई किराएदारों का रिकॉर्ड नही रखते जबकि बीट अधिकारी अलग अलग होते हैं।
थाना डाबड़ी द्वारा बिंदापुर एक्सटेंशन, जीवनपार्क, ओल्डजानकीपुरी व आदर्श नगर जैसी कॉलोनियों में केवल 9 मकान मालिकों के खिलाफ एक वर्ष 2018 में किरायेदारों की सत्यापन न करवाने पर कानून के तहत मुकदमे दर्ज किए गए।जबकि इन्ही कॉलोनियो मे काफी संख्या मे किराएदार बिना पुलिस वेरिफिकेशन के काफी समय से रह रहे हैं।आर टी आई की जानकारी के अनुसार थाना डाबड़ी मे एक वर्ष 2018 मे केवल 4 मिजोरम,321वर्मीस व 232 नाइजीरियन किरायेदारों के सत्यापन के फार्म जमा हुए हैं।
उपरोक्त सभी जानकारियो को जानने के बाद ऐसा लगता हैं कि पुलिस बीट अधिकारी व कुछ मकान मालिकों के बीच आपसी मधुर रिश्ते बने हुए हैं।जिसके चलते न तो कुछ मकान मालिक किरायेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन करवाते और न ही बीट अधिकारी ऐसे मकानमालिकों पर कोई कानूनी कार्यवाही अमल में लाते हैं।

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