बाबा हरिदास नगर पुलिस ने पड़ोसी द्वारा दो साल के अगवा किए पियुष को उसके चुंगल से जयपुर छापेमारी-दौरान सुरक्षित छुड़ाया ।

बाबा हरिदास नगर पुलिस ने पड़ोसी द्वारा दो साल के अगवा किए पियुष को उसके चुंगल से जयपुर छापेमारी-दौरान सुरक्षित छुड़ाया ।

संवाददाता अनिता गुलेरिया ।

नजफगढ़ की एक युवती ने पड़ोसी द्वारा उसके दो साल के बच्चे को अगवा करने की शिकायत दर्ज करवाते ही,नजफगढ एसीपी विजय कुमार की निगरानी में एसएचओ सी आर मीणा के नेतृत्व में बनी एसआई सुभाष, एएसआई कृष्ण,सिपाही रामस्वरूप,महिला कांस्टेबल अनीता की टीम को जाँच-प्रकिया दौरान जैसे ही आरोपित द्वारा,पीड़ित-महिला को फोन पर किसी को बताए बिना अकेले उसके पास भरतपुर दस हजार रुपए लाने को कहकर धमकाते हुए कहा,यदि पुलिस में शिकायत की तो तुम्हारे बच्चे को जान से मारकर फैंक दूंगा । पुलिस महिला सहित भरतपुर पहुंची,वहां पहुंचते ही आरोपी की लोकेशन वहां से बदल गई और काफी देर तक मोबाइल की लोकेशन बदलती रही । आरोपित द्वारा कई जगह बदलने के बाद, उसकी आखरी लोकेशन श्याम नगर जयपुर दिखाई देते ही पुलिस ने तुरंत वहां पहुंचकर कई घरो में छापेमारी करते हुए आरोपी व पीड़ित बच्चे का फोटो सभी को दिखाते हुए आखिर में श्याम नगर के मकान नंबर-146, पहली मंजिल पर बने कमरे में छुप कर बैठे आरोपी तक पहुँच गई,पुलिस को देखते ही आरोपित दो साल के पियुष को नीचे फेंकने की कोशिश करने लगा,तभी पुलिस ने पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए उसे बच्चे सहित अपनी जकड मे लेकर नन्हे-बच्चे को सुरक्षित उसके चुंगल से छुड़ाकर उसकी मां को सौंप दिया ।द्वारका-उपायुक्त एंटो अल्फोनस अनुसार पकड़े गए आरोपी का नाम शिव पूजन उर्फ पंडित उम्र (30) साल राजस्थान का रहने वाला है,वह शादीशुदा और दो बच्चों का बाप है और एक साल से नजफगढ़ में रह रहा था, उसके घर के पास ही पीयूष की मां (रीना) बदला हुआ नाम,अपने पति से अलग रहती थी,वह उसे गलत-नियत से देखने लगा,रीना के बार-बार मना करने पर उसने उसके बच्चे को अगवा करके फोन पर उसके बच्चे को जान से मार देने की धमकी द्वारा अपनी गलत नियती मे कामयाब होने के लिए उसे भरतपुर अकेले अपने पास आने को बाधित करने लगा । लेकिन बाबा हरिदास थाना पुलिस की मुस्तैदी के चलते वह अपने इरादों में नाकाम होते हुए जुर्म 363/365 धाराओ सहित जेल की सलाखों के अंदर पहुंच गया, सनकी दिमाग के कुछ लोग अपनी जिद पूरी करने के चक्कर में किसी तरह का भी क्राइम करने पर उतारू हो जाते हैं,और उस दो साल के नन्हे-पियुष के साथ कभी भी कुछ भी हो सकता था । लेकिन पुलिस की होशियारी ने एक बच्चे की जिंदगी को बचाते हुए एक मां की आबरू व उसकी कोख को उजड़ने से बचा लिया । अपने इन्हीं सजग-सतर्कता पूर्वक,किए गए कारनामों की वजह से कुछ दिन पहले ही जिला द्वारका के बाबा-हरिदास नगर थाने का नाम देश के उम्दा-थानों में दर्ज किया गया है ।

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