डिप्टी-कमिश्नर इरा सिंघल ने नेत्रहीन कल्याणकारी संस्था के सभी दृष्टिबाधित-जन सहित स्वतंत्रता व राखी समारोह मनाया ।

डिप्टी-कमिश्नर इरा सिंघल ने नेत्रहीन कल्याणकारी संस्था के सभी दृष्टिबाधित-जन सहित स्वतंत्रता व राखी समारोह मनाया ।

दिल्ली :- (अनीता गुलेरिया) जी टी बी नगर, टैगोर-पार्क के गौरी-शंकर मंदिर में नेत्रहीन कल्याणकारी संस्था जो हर महीने दृष्टिबाधित-परिवारों को राशन-वितरित करती आ रही है, संस्था के महासचिव धर्म सिंह द्वारा इस राशन-वितरण पर स्वतंत्रता दिवस व राखी पर्व का समारोह किया । जिसमें अतिथि के रूप में गणमान्य लेखक राम कृष्ण रस्तोगी, वरिष्ठ समाज-सेविका, उपन्यासकार रेणुका अरोरा व राष्ट्रीय-स्तर के कवि,गीतकार रवि सरोहा ने शिरकत की । कार्यक्रम में आए दृष्टिबाधितो ने राष्ट्रभक्ति गीत गाए । नेत्रहीन परिवार के बच्चों के जन्मदिन को सांझा करते हुए लेखक रस्तोगी द्वारा उन्हें चॉकलेट व उपहार दिए गए । मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित डिप्टी-कमिश्ननर उत्तरी दिल्ली नगर-निगम इरा सिंघल इस आजादी समारोह की मुख्य हिस्सा रही । राष्ट्रीय-कवि रवि सरोहा द्वारा देशभक्ति और बेटियों पर आधारित गीतो ने सबको भाव-विभोर कर दिया । समारोह में आए गणमान्य-अतिथियों ने देशभक्ति पर अपने अपने विचार व्यक्त करते हुए बधाई संदेश दिए । देशभक्ति पर बोलते हुए डिप्टी-कमिश्नर इरा सिंघल ने स्वतंत्रता-दिवस व राखी की बधाई देते हुए कहा, बाहरी शारीरिक-विकलांगता को अपनी अंदरूनी-शक्ति पर कभी भी हावी मत होने दीजिए विकलांगता कोई अभिशाप नहीं,वह हर इंसान को कभी भी,किसी भी,उम्र में आ सकती है,इसलिए मेरा दृष्टिबाधितजनो से यही कहना है,हमारे समाज में कुछ मानसिक-विकलांगता वाले लोगों की बातों पर ध्यान ना देते हुए समानता-अधिकार तहत,हमें राष्ट्रहित-कार्य में सहयोग देने हेतु,अपने आप को पूर्णत-रूप विकसित करना अत्यंत आवश्यक है । कार्यक्रम में आई दृष्टिबाधित-महिलाओं सहित छोटे बच्चों ने इरा सिंघल को राखी बांधकर उनके द्वारा कही बातों के प्रति अपना समर्थन जताया । संस्था के महासचिव धर्म सिंह ने इरा सिंघल के प्रति आभार-व्यक्त करते हुए कहा,आप जैसे घनिष्ठ-व्यक्तित्व छवि वाले इंसानों की, हमारे वर्ग को आज अत्यंत-आवश्यकता है,आप अपने इन नेक-विचारों से हम लोगो को बहुत ऊपर-छोर तक ले जा सकते हैं,उम्दा-विचारों की कमी के चलते,समाज द्वारा दृष्टिबाधितो को आज भी अंधा, बेचारा,पंगु,निस्हाय शब्दों के संबोधन से मानसिक हीन भावना का शिकार होना पड़ता है,और सामाज-सेवा के नाम पर बनी संस्थाओं द्वारा हमारे नाम का दुरुपयोग करते हुए
शोषण निरंतर जारी है । देश के हर दिव्यांग को आप जैसी सही मार्गदर्शी की अत्यंत जरूरत है। आखिर में सभी दृष्टिबाधितो ने देशहित-कार्यों मे संपूर्ण सहयोग,शपथ-ग्रहण करते हुए कहा,यदि हमें भी मौका मिले,तो हम दूसरे लोगों से ज्यादा काम करके दिखा सकते हैं,यह खोखला-दावा ही नहीं,हमारा अटल-विश्वास है । मीडिया-समक्ष इरा सिंघल ने स्वतंत्रता-दिवस व राखी की बधाई देते हुए कहा मानसिक विकलांगता को हटाए बिना, किसी भी देश का विकास तो दूर,उसके लिए स्थाई व स्थिर रूप से खड़ा होना भी दुर्बल होता है,हमे अपने देश के विकास के लिए,पहले अपनी मानसिक-विकलांगता को खत्म करना ही होगा,इसके बिना देश का विकास मुमकिन ही नहीं नामुमकिन है ।

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