अमेरिका दौरे पर पहुंचे मोदी, ट्रम्प ने ट्वीट किया- सच्चे दोस्त से होगी बात

अमेरिका दौरे पर पहुंचे मोदी, ट्रम्प ने ट्वीट किया- सच्चे दोस्त से होगी बात
वॉशिंगटन.नरेंद्र मोदी अमेरिका दौरे पर रविवार को वॉशिंगटन पहुंचे। ज्वाइंट बेस एंड्रियूज एयरपोर्ट पर मोदी का स्वागत अमेरिका में भारत के एंबेसडर नवतेज सरना और उनकी पत्नी अविना सरना ने किया। इससे पहले डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्वीट करके मोदी को अपना सच्चा दोस्त बताया। उन्होंने अमेरिकी प्रेसिडेंट के आफिशयल अकाउंट पर ट्वीट किया- भारतीय पीएम मोदी के स्वागत के लिए व्हाइट हाउस तैयार है। अहम स्ट्रैटजिक इश्यूज पर अपने सच्चे दोस्त के साथ चर्चा होगी। सोमवार को मोदी डोनाल्ड ट्रम्प से पहली बार मिलेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई करार होने की उम्मीद है। रविवार को CEOs से मिलेंगे…
– एयरपोर्ट से मोदी का काफिला सीधा विलार्ड होटल पहुंचा, जहां उनके ठहरने का इंतजाम किया गया है।
– भारतीय समय के मुताबिक, रविवार शाम वो अमेजन के CEO जेफ बेजोस, अमेरिकन टावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन जिम टैक्लेट, एप्पल CEO टिम कुक, एडोब के CEO शांतनु नारायणन, कैटरपिलर के CEO जिम उम्पलबी, गूगल CEO सुंदर पिचाई, वॉलमार्ट प्रेसिडेंट डग मैकमिलन से मुलाकात करेंगे।
– कुल 19 CEOs से मोदी की डेढ़ घंटे तक मुलाकात चलेगी। मोदी ने इससे पहले सितंबर 2015 में भी CEOs के साथ राउंडटेबल मीटिंग की थी। सुंदर पिचाई, सत्या नडेला के साथ डिजिटल इंडिया डिनर किया था।
– 26 जून को मोदी ट्रम्प से व्हाइट हाउस में मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की इस पहली मुलाकात पर दुनिया भर की निगाहें टिकी हुई हैं।
भारत माता की जय, मोदी-मोदी के नारे लगे
– वॉशिंगटन के ज्वाइंट बेस एंड्रियूज एयरपोर्ट पर मोदी उनके स्वागत में खड़े भारतीयों से भी मिले।
– मोदी के स्वागत में खड़े लोगों ने भारत माता की जय और मोदी-मोदी के नारे लगाए।
ट्रम्प के साथ डिनर करने वाले पहले पीएम होंगे
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक एक सीनियर ऑफिशियल ने बताया, “मोदी के दौरे को व्हाइट हाउस स्पेशल बनाने की तैयारी कर रहा है। मोदी के लिए रेड कारपेट वेलकम होगा। मोदी और ट्रम्प एक साथ डिनर करेंगे। ये व्हाइट हाउस में होने वाला वर्किंग डिनर होगा। ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान व्हाइट हाउस में डिनर करने वाले मोदी दुनिया के पहले नेता होंगे।”
– अमेरिका में भारत के एम्बेसडर नवतेज सरना ने बताया, “‘ट्रम्प का मोदी को डिनर देना एक खास मौका होगा। ये हमारे लिए सम्मान की बात है। दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर बात होगी, इसका अभी अंदाजा लगाना मुश्किल है। लेकिन जिन मुद्दों को शामिल किया जा सकता है, उनमें स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप, डिफेंस, सिक्युरिटी, इकोनॉमिक ग्रोथ और टेररिज्म हो सकते हैं।”
अफसर ने और क्या बताया?
– “26 जून को दोनों नेताओं (मोदी-ट्रम्प) की वन-टू-वन मीटिंग होगी। इसमें करीब एक घंटे बाइलेटरल रिलेशन पर चर्चा होगी। इसके बाद प्रेस स्टेटमेंट जारी किया जाएगा, लेकिन इसके लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं होगी।”
– “इसके बाद दोनों नेता कॉकटेल रिसेप्शन में शिरकत करेंगे और साथ में डिनर लेंगे। इस दौरान भी कई अहम मुद्दों पर लंबी बातचीत होगी।”
– “दोनों नेताओं की मीटिंग के दौरान यूएस के वाइस प्रेसिडेंट माइक पेंस, नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर (एनएसए) लेफ्टिनेंट जनरल एचआर मैकमास्टर, विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन, डिफेंस मिनिस्टर जेम्स मैटिस समेत कई आला अफसर मौजूद रहेंगे।”
इन 6 मुद्दों पर हो सकती है बात
1. एशिया-पैसिफिक रीजन और दुनिया में स्टेबिलिटी और सिक्युरिटी को मजबूत करना।
2. आतंकवाद।
3. इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाना।
4. भारतीय फौज का तेजी से मॉडर्नाइजेशन करना।
5. सिविल न्यूक्लियर डील।
6. एच1बी वीजा।
3 साल पहले मेडिसन स्क्वेयर में दी थी स्पीच
– मोदी ने सितंबर 2014 के अपने पहले अमेरिका दौरे में न्यूयॉर्क के मेडिसन स्क्वेयर गार्डन में पॉलिटिकल रॉक स्टार जैसा इवेंट किया था। इसमें 18 हजार लोग शामिल हुए थे।
– सितंबर 2015 के दौरे में उन्होंने फेसबुक हेडक्वार्टर में मार्क जुकरबर्ग के साथ टाउनहॉल किया था। यहां वे अपनी मां का जिक्र होने पर इमोशनल हो गए थे। हालांकि, 2016 के दौरे पर ऐसा कोई बड़ा पब्लिक इवेंट नहीं हुआ था। लेकिन मोदी ने यूएस कांग्रेस को एड्रेस किया था जो अपने आप में ऐतिहासिक मौका था।
भारत-पाक के साथ अलग-अलग रिश्ते
– मोदी के दौरे से पहले व्हाइट हाउस ने साफ किया कि ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन की नजर में भारत-पाकिस्तान से रिलेशन का नेचर ही नहीं, बल्कि प्रायोरिटीज भी अलग हैं।
– एक अफसर के मुताबिक, “भारत के साथ हम एक स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप चाहते हैं। भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। हम इस ट्रेंड को और मजबूती देना चाहते हैं। इसके लिए को-ऑपरेशन और आपसी हितों पर बातचीत होगी। पाकिस्तान के साथ भी हमारे रिश्ते हैं, लेकिन उनका नेचर थोड़ा अलग है।”
– “भारत-पाक से रिलेशन उनकी खूबियों और शर्तों पर आधारित है। एक के साथ दूसरे को मिलाकर नहीं देखा जा सकता। लेकिन अमेरिका दोनों देशों के बीच तनाव कम करना चाहता है।”
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