अब दिल्ली पुलिस कर्मियों को वर्दी पहनने से लगता है,डर।

अब दिल्ली पुलिस कर्मियों को वर्दी पहनने से लगता है,डर।

नई दिल्ली-राकेश कुमार
समाधानवाणी
आज का माहौल प्रदूषण से ज्यादा खतरनाक अपनो से हो गया है।जैसा कि शनिवार को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट के बाहर देखने को मिला कि किस प्रकार डयूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ कोर्ट के वकीलों ने मारपीट की तथा तोड़फोड़ कर कोर्ट परिसर मे खड़ी आठ गाड़ियों व लगभग पंद्रह बाइक को आग के हवाले कर दिया।झगड़ा कोर्ट मे पेशी के लिए लाए कैदियों की जेल के बाहर वकील द्वारा कार खड़ी करने को लेकर हुआ जिसमें डयूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों व वकीलों की कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई तक पहुँच गया जिसने कि आगे चलकर उग्र रूप ले लिया।पुलिस ने भी सेल्फ डिफेंस मे हवा में गोलियां चलाई जो कि किसी चीज से टकराकर वकील विजय वर्मा व अन्य दो वकीलों को घायल कर दिया।बस फिर क्या था कोर्ट मे पुलिस द्वारा सीनियर वकील को गोली मारने व गोली लगने से वकील की मौत की खबर फैल गई।वकीलों ने जो भी पुलिस वर्दी मे दिखा उसी को बुरी तरह से मारना पीटना व तोड़फोड़ व आगजनी शुरू कर दी।मौके पर पहुँची डीसीपी नार्थ मोनिका भारद्वाज व उनके ऑपरेटर सहित अन्य पुलिस वालों को भी अपनी जान बचाना मुश्किल पड़ गया।वकीलों ने डीसीपी मोनिका की कॉलर पकड़ने की कोशिश करते हुए लेडिस आईपीएस को गंदी गंदी गालियां दी तथा डीसीपी के ऑपरेटर का कंधा तोड़ने व शरीर पर कई टांके लगने का मामला संज्ञान में आया।वकीलों की बार एसोसिएशन व अन्य वकीलों की संश्थाओ ने भी पुलिस की आलोचना करते हुए दोषी पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर नोकरी से निकालने की कोर्ट मे गुहार लगाई तथा सोमवार को सभी जिला अदालतों में हड़ताल की ।मामला अभी शांत भी नही हुआ था कि साकेत कोर्ट के बाहर किसी वकील ने डयूटी पर सरकारी काम से आए पुलिस वाले की बेवजह पिटाई कर दी जो कि सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ।पुलिस कर्मी खुद अपने सीनियर अधिकारियों से खुद अपनी सुरक्षा की मांग कर रही हैं जो पुलिस सदैव आपके लिए, आपके साथ बोलती हैं वो ही लाचार व अपंग सी हो गई है।ये किसी व्यक्ति विशेष या संस्था का मामला नहीं है ये सब हमारे सिस्टम का फेलियर हैं।कोई भी संस्था सिस्टम से बड़ी नही हो सकती चाहे वो पुलिस हो या वकीलों की संस्था या अन्य दल।ये हमला पुलिस पर नही हुआ बल्कि आम जनता की सुरक्षा पर किया गया है।इस घटना से आम नागरिक खुश नही हैं बल्कि आपराधिक गतिविधियों व मानसिकता वाले लोगों का हौसला काफी बढ़ चुका हैं।जो कि आने वाले समय में हमारे देश व समाज की जनता के लिए काफी बड़ी हुई आपराधिक घटनाओं के रूप मे दिखेगा।

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